ये कौन लोग हैं
ये कौन लोग हैं जो
हत्या पर उत्सव मनाते हैं
हो असहमति एक दूजे से तो
इसे जायज ठहराते हैं !
सरकारें शोक के दो शब्द ट्वीट करती हैं
और
सबकुछ यूँ ही चलता रहता है
कभी किसी रोज फिर कहीं जब
असहमति की आवाज़ उठती है
सरकार की चुप्पी तब ट्वीट होती है जब पुनः
इसे,
खामोश कर दी जाती है
ये कौन लोग हैं !
हत्या पर उत्सव मनाते हैं
हो असहमति एक दूजे से तो
इसे जायज ठहराते हैं !
सरकारें शोक के दो शब्द ट्वीट करती हैं
और
सबकुछ यूँ ही चलता रहता है
कभी किसी रोज फिर कहीं जब
असहमति की आवाज़ उठती है
सरकार की चुप्पी तब ट्वीट होती है जब पुनः
इसे,
खामोश कर दी जाती है
ये कौन लोग हैं !
Comments
Post a Comment