Skip to main content

Posts

Featured

प्रेम की भाषा

उसने पूछा तुम प्रेम करते हो तो बताओ मैं क्या हूं तुम्हारे लिए ! कई उपमाओं और प्रतिमानों से गुजरते हुए मैंने कहा मेरी भाषा मेरी भाषा हो तुम एक चुप्पी छा गई फिर तलछट की चीजें सिमटकर धुरी पर आ गई और हमने एक दूसरे को मौन में समझा चुप्पी तोड़ते हुए उसने कहा एक दिन हम खत्म हो जाएंगे लेकिन भाषा नहीं यही कह रहे हो न ! मैंने कहा कि मैंने कहा कुछ भी नहीं है बस किया है और करते हुए इसे जिया है।

Latest posts

षड्यंत्र

जो याद रहता है

अकाय

प्रेम की राह

प्रेम

तुम्हारे लिए

मेरे लिए

पोशीदा

नव-सृजन

औरतें