अपरा (पृशा) के लिए
हमारी छोटी सी गुड़िया
हो जैसे जादू की पुड़िया
जादू में दिल की धड़कन
जैसे 'अपरा' का स्पंदन
नन्ही कदम से करती डगमग
तब जाके घर में होती जगमग
इन जगमगों में हमारी जन्नत
जैसे 'पृशा' सुबह की मन्नत
पल में तोला पल में माशा
है पर मीठी जैसे बताशा।
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