बादल
बादल
*****
आसमान में,
एक के ऊपर एक
बादल तैर रहे हैं
कोमल, गुम्फित
*****
ये जब आपस में मिलते हैं तो बरस लेते हैं
जैसे मेरे गावँ की अम्मा जब
दूर रहने वाली अपनी ब्याही बेटी से मिलती है
तो स्नेह में बरस लेती है
बादल को बरसते देखा है.
*****
मेरी भावनाएं आकार ले उससे पहले ही उसके गर्भपात हो जाने कि दास्तान, उल्काश्म है. जिसमें मैं हूँ, यकबयक उत्पन्न हुयी मेरी भावनाएं हैं और आपका साथ है, नहीं तो सबकुछ दिल ही दिल में ख़त्म होकर रह जाती.
Comments
Post a Comment