मीठा , तुम और मैं
1.
किसी ने बैना में मुझे भेजा है पेड़ा,खीर।
2.
उसे पता है की मीठा नहीं है मुझे पसंद
पर अब खाना चाहता हूँ जी भर के
इसलिए कि मीठे के साथ आ जाती है
उसकी मीठी याद और फिर वो उसका
उलाहना देंना __________________
कितनी ही गुजारिश के बाद तब तो
तुम लेते थे मेरे टुकड़े में से एक टुकड़ा
अब खा लेते हो मेरे हिस्से के भी टुकड़े.
दरअसल हर वो काम चाहता हूँ करना
जिससे उसे रहती थी मुझसे शिकायत.
इसी बहाने वो रहती है हमेशा मेंरे साथ
जो रखती है अब भी मुझपर नज़र।
3.
पर सच में, इस सच से इतर एक सच है जिसमें है
तुम थी और तुम हो, मैं बस था का अपराधबोध।
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