हम भी खो गये.
चले थे हम एक राह पर
मंजिल नहीं थी तय
आसां थी ये जिंदगी
सोचा यही है बंदगी
तय हुई मंजिल, फिर
जलते रहे हम रात भर
सुबह हुई एक मोड़ आया
चंद लम्हों का साथ खोया
तुम भी खो गये
हम भी खो गये.
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मंजिल नहीं थी तय
आसां थी ये जिंदगी
सोचा यही है बंदगी
तय हुई मंजिल, फिर
जलते रहे हम रात भर
सुबह हुई एक मोड़ आया
चंद लम्हों का साथ खोया
तुम भी खो गये
हम भी खो गये.
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