जिम्मी
जिम्मी, मेरे पड़ोस की प्यारी कुतिया
जब आई थी, हथेली पर आई थी
नन्हीं सी जान, खुशियाँ लाई थी
जिम्मी, अब बच्ची नहीं रही
जब भी मुझे देखती है, दौड़ती है मेरी तरफ
पलकों में, उसके आगे के दो पैर मेरे कंधे पर होते हैं
अंक में भरता हूँ उसे
जैसे बिछड़ा यार मिला हो बरसों में
जिम्मी, मेरे पड़ोस की प्यारी कुतिया
एक बार तो वो मेरे साथ आ गयी
और बैठ गई मेरे घर कि देहरी पर
जैसे उसने अपना विश्वास देखा हो मेरी आँखों में
जिम्मी, मेरे पड़ोस की प्यारी कुतिया
पर यह शब्द कुतिया इतना रूढ़ हो गया है
तथाकथित संभ्रांत समाज में कि
अपने अधिकार माँगती महिला अमूमन कुतिया होती है
मैंने जिम्मी को डॉगी कहना शुरू कर दिया है.
जब आई थी, हथेली पर आई थी
नन्हीं सी जान, खुशियाँ लाई थी
जिम्मी, अब बच्ची नहीं रही
जब भी मुझे देखती है, दौड़ती है मेरी तरफ
पलकों में, उसके आगे के दो पैर मेरे कंधे पर होते हैं
अंक में भरता हूँ उसे
जैसे बिछड़ा यार मिला हो बरसों में
जिम्मी, मेरे पड़ोस की प्यारी कुतिया
एक बार तो वो मेरे साथ आ गयी
और बैठ गई मेरे घर कि देहरी पर
जैसे उसने अपना विश्वास देखा हो मेरी आँखों में
जिम्मी, मेरे पड़ोस की प्यारी कुतिया
पर यह शब्द कुतिया इतना रूढ़ हो गया है
तथाकथित संभ्रांत समाज में कि
अपने अधिकार माँगती महिला अमूमन कुतिया होती है
मैंने जिम्मी को डॉगी कहना शुरू कर दिया है.
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