अपरा (बर्थडे)

हमारी छोटी सी गुड़िया
हो जैसे जादू की पुड़िया

उसकी मुस्कुराहटों में
मुस्के घर सारा 
जैसे गगन में झूले चांद-सितारा

निश्छलता ऐसी 
मंदिर की हो आरती सी

उसकी तुतलाहटों में
घुली है मिश्री अज़ान सी

आज साल हुए दो पूरे
अपरा के आने से जीवन में मेरे
आयी है पाकीजगी।

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