प्रेम.

नहीं आ रहा जेहन में मेरे
कोई ऐसा अनछुआ उपमा
जिससे तुलना करूँ मैं तुम्हारी
और कर दूं अपने प्रेम का इजहार.

नहीं है खाते जमा कोई उपलब्धि भी
जिससे तुम्हें कर दूँ अचंभित
और पा सकूँ तुम्हारा सामीप्य
जैसी कोशिश अमूमन की जाती है
प्रेम-त्रिकोण वाली फिल्मों में.

नहीं है कहने को शब्द भी मेरे पास
जिससे ये लगे की वाकई
ह्रदय तल से चाहता हूँ तुम्हें
जैसा की _____________
एंटोनी ने कहा था क्लियोपेट्रा से.

कहना है सपाट शब्दों में
बस इतना की तुमसे प्यार  है मुझे
शेष उम्र भर रखूँगा तुम्हारा ख़याल.  

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