लौटना
मेरे घर के आँगन के ठीक ऊपर से
रोज एक एयरोप्लेन गुजरता है उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर
आधी रात में
आँगन को लम्बवत चीरता हुआ
____कभी उसे लौटते नहीं देखा
मैं भी उसके सहारे उड़ान भरता हूँ तुम्हारी तरफ
मैं भी कभी लौट नहीं पाता.
रोज एक एयरोप्लेन गुजरता है उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर
आधी रात में
आँगन को लम्बवत चीरता हुआ
____कभी उसे लौटते नहीं देखा
मैं भी उसके सहारे उड़ान भरता हूँ तुम्हारी तरफ
मैं भी कभी लौट नहीं पाता.
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