दो लफ्ज़ों की बंदिश

चाहती हो होना मुक्त 
उस अदृश्य बंधन से 

जिसमें
दो लफ्जों की बंदिश थी

तुम्हारा यही चाहना 
मुझे टूटकर चाहना है

- - -
तुम हुये मुक्त
- - - 

और तुम्हें मुक्त करना
तुम्हें टूटकर चाहना है.

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