लौटना

इस विपदा में 
जब पेट 
मुंह के बल है उनके
जो आए थे अपनों के ही पेट की ख़ातिर
अपनों का साथ छोड़
की साथ छोड़ना 
साथ रहने की कीमत का अग्रिम भुगतान हो

इस कंक्रीट के जंगल में
जहां 
अट्टालिकाएं तो हैं 
लेकिन रहते उसमें सिर्फ बुत हैं

अब वे लौट चले वापस 
उन बुतों की बस्ती से 
जिसमें उसे भी बुत समझ लिया गया था
जबकि वो ही एक सच्चा आदम था

किसी ने जाते हुए 
अलविदा का हाथ दूर से भी उसके लिए नहीं हिलाया
जबकि वह उसके लिए मिट्टी की तरह था
जिसे जब चाहे थोड़ी सी नमी देकर
जैसा आकार दे दो
वह इनकार नहीं करता

वह जाने से भी इनकार न कर सका

फिर एक दिन हो सकता है कि
वह वापस लौटने से इनकार न कर सके
अपनों के ही पेट की ख़ातिर
गोयाकि आदम होने की कीमत ताउम्र संघर्ष हो

लेकिन क्या उनके लौटने में अबकी
उनकी आत्मा उनके साथ आ पाएगी! 

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