आत्मनिर्भर
यह एक जंत्र है
जिसमें
दैवीय आकर्षण है
जो कभी ख़त्म नहीं होता
जैसे कहा जाना कि
'मेक इन इंडिया' से हम आत्मनिर्भर होंगे
देश के किसान
युगों से आत्मनिर्भर हैं
और अबकी सरकार भी
चूंकि ऐसा कहा गया है
इसलिए यह अप्रश्नीय है
बस
अपने घरों की तरफ
मीलों पैदल चल रहे मजदूर
उसके बीवी-बच्चे
राष्ट्रवाद के इस दौर में
आत्मनिर्भरता के नए रूपक हैं.
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