तुम्हारी जुल्फें
तुम्हारी ये जुल्फें
उम्मीदों का पुल है
जिसके दूसरी तरफ
ख़्वाहिशें तिरोहित होती हैं
अच्छा है
किसी और ने पहले
इस पुल के पार नहीं देखा
वरना मेरी ख़्वाहिशों की मुक्ति
क्या संभव होती!
मेरी भावनाएं आकार ले उससे पहले ही उसके गर्भपात हो जाने कि दास्तान, उल्काश्म है. जिसमें मैं हूँ, यकबयक उत्पन्न हुयी मेरी भावनाएं हैं और आपका साथ है, नहीं तो सबकुछ दिल ही दिल में ख़त्म होकर रह जाती.
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