LOCKDOWN/मजबूर

जब
लाखों विस्थापित लोग 
पेट की आग 
और सर पर एक अदद छत की चिंता में 
सड़कों पर
जीवन-मृत्यु से जूझ रहे हैं 

जिसमें दोष उनका नहीं
हुक्मरान की मूर्खता का है

तब 
सत्ता अपने महल में
रामायण देख रही है.

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