लॉकडाउन

पहले से दस्तक़ दे रही त्रासदी
जब घर की देहरी लांघ 
अंदर घुस आए

तब अचानक 
एक बड़ी त्रासदी की मुनादी

साथ पूरे इक्कीस दिनों के लिए लॉकडाउन
ताकि आसन्न मुसीबतों से देश को बचाया जा सके

फिर भी स्वागतयोग्य है

लेकिन क्या उनके लिए भी?
जिसे उनके हाल पर छोड़ दिया गया है
जिनकी नियति 
आकाश तले सोने और
कुआं खोदकर पानी पीने की है

या फिर 
वो देश की परिभाषा की परिधि से बाहर हैं!


Comments

Popular Posts