घेरा

एक घेरा बना देता हूँ 
अमावस का 
अपने काले मार्कर से 
कैलेन्डर की तारीख में 
जब हम दोनों होते हैं खड़े दो विपरीत बिन्दुओं पर
चुप, मौन, निःशब्द

हालाँकि दोनों विपरीत बिन्दु
रहते हैं एक ही वृत्त के अंदर स्थिर
धीरे-धीरे आ जाते हैं पास फिर

और तुम मुस्कुराती हो जब
कैलंडर में पूर्णिमा लिख देता हूँ उस रोज को 
फिर एक गोला बना देता हूँ 
कैलेंडर की उस तारीख में 
तुम्हारी गुलाबी वाली मार्कर से

महीने के आखिर में 
जब कैलकुलेशन करता हूँ
काले घेरे में दबे मिलते हैं गुलाबी घेरे 
और फिर नब्ज़ ठहर सी जाती है.

Comments

Popular Posts