यादें

नक्श उभर आते हैं सारे
हुबहू यूँ जैसे की
कार्बन कॉपी लगी हो
यादों के तले






पर ... हर बार बचता है कोरा कागज
आंसुओं में बह जाते हैं सारी रोशनाई.

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