न्यू ईयर
इस नए साल में भी
मेरे पास नया सा कुछ नहीं है
सबकुछ वही पुराना है
जो गुजश्ते सालों में और भी गहरा होता गया है
जो गुजश्ते सालों में और भी गहरा होता गया है
हमारी साझी विरासत
हमारी साझी संस्कृति
हमारा संघर्ष
हमारा प्रतिरोध और प्यार भी
हमारी साझी संस्कृति
हमारा संघर्ष
हमारा प्रतिरोध और प्यार भी
नए साल में
मैं अपना यही और गहराता प्यार तुम्हें अर्पण करता हूँ।
मैं अपना यही और गहराता प्यार तुम्हें अर्पण करता हूँ।
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