यह डूबने का दौर है

किसी के प्यार में डूब जाना

या फिर घृणा में ही ऐसे कि लबों पर नाम आते ही मन कसैला हो जाए
यह अति में डूबने का दौर है

किसान दो जून निवाले के लिए डूबते
युवा रोजगार के लिए
तो उधर एक हुजूम 'जय श्रीराम' के लिए मार-काट पर उतर जाए
यह अति में डूबने का दौर है

बैंक डूब रहा शहर डूब रहा
जनता डूब रही
और इधर सरकार डूब रही चुनाव में
लेकिन क्या मजाल कि खिलाफ़ इसके जो कहते हैं खुद को राष्ट्रवादी वो सड़क पर आए
यह अति में डूबने का दौर है।

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