असहमती

जो भी है असहमति
विचार का विचारों से
जनता का सत्ता से
या फिर तुम्हारा ही मुझसे
उसे दर्ज होने न दो
ताकि किसी फैसले के विरोध का इतिहास ही न बनें

कभी अगर पूछ बैठी हमारी आने वाली नस्लें कि ऐसा हो रहा था और तुम क्यों रहे चुप!
तो वह यह जान न पाए कि हम चुप नहीं थे बस इतिहास में खामोश कर दिए गए हैं.

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