ओ३म् (ॐ)
तुम्हारे
कंठ से निकले सरगम
तुम्हारे होंठों से
गोल छल्ला बनाते हुए जब
मुझतक आते हैं
__________
तुम्हारे होंठों से
गोल छल्ला बनाते हुए जब
मुझतक आते हैं
__________
शांत सौम्य
निर्मल कोमल
गुम्फित
__________
निर्मल कोमल
गुम्फित
__________
ऐसा लगता है कि
उस छल्ले में कायनात ने
अपना परिभ्रमण पूरा किया हो.
उस छल्ले में कायनात ने
अपना परिभ्रमण पूरा किया हो.
Comments
Post a Comment