प्रेम
अगर प्रेम बारिश की बूँदे हो
अगर प्रेम पवन की पुरवाई हो
अगर प्रेम पौधों की फसल हो
तो
अगर प्रेम पौधों की फसल हो
तो
तुम्हारे इस प्रेम को नए उपमान की जरूरत है
जिसमें तुम्हारे होने की गंध आये
जिसमें तुम्हारे होने की गंध आये
प्रेम,
बारिश की बूंदों के विरुद्ध होना है
पवन की पुरवाई के सामने आना है
पौधों की फसल को निवाला बनाना है
बारिश की बूंदों के विरुद्ध होना है
पवन की पुरवाई के सामने आना है
पौधों की फसल को निवाला बनाना है
प्रेम,
माँ होना है
प्रेम पिता होना है
प्रेम पालना है.
माँ होना है
प्रेम पिता होना है
प्रेम पालना है.
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