रात चले.
रात चले
संग ख़्वाब चले
मद्धम सी तेरी सांसें
रूह से मेरी बात करे
मेरे मन आँगन में अब
तेरे मन का मीत बसे
चाँद के माथे सेहरा
तारे बारात चले
चाँदनी हो गर साथ
साथ कायनात चले
रात चले
संग ख़्वाब चले.
मेरी भावनाएं आकार ले उससे पहले ही उसके गर्भपात हो जाने कि दास्तान, उल्काश्म है. जिसमें मैं हूँ, यकबयक उत्पन्न हुयी मेरी भावनाएं हैं और आपका साथ है, नहीं तो सबकुछ दिल ही दिल में ख़त्म होकर रह जाती.
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