ध्रुवतारा

हम-तुम 
ध्रुव-तारे हैं

दो विपरीत छोर के

तारों की पगडंडियां हालांकि
हमारे बीच सेतु हैं

पर 
राह में विचलन ऐसी कि
राह मुकम्मल नहीं हो पाता

हमारी नियति 
अपने-अपने ध्रुव पर चमकने की है

है न!

Comments

Popular Posts