लक्ष्मण बूटी
तुम्हारा प्यार
लक्ष्मण बूटी है
लक्ष्मण बूटी है
एक अंतहीन श्रृंखला
तनिक नमीं पा जाने से
निकल आती है
इसमें कलियाँ
और...
फूल खिलते हैं.
यह नमी है यादें
संग बिताये पलों की
संग बिताये पलों की
पर यह भी
रहता नही टिककर
और
फूल की तरह ही
खिलकर
मुरझा जाती हैं.
मुरझा जाती हैं.
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