तुम्हारा होना आदत है
तुम्हारा होना
आदत है
आदत है
और
तुम्हारा न होकर होना भी
और
आदतें बदलती नहीं
ताउम्र पीछा करती है
अक्सर,
उम्र के बाद भी.
मेरी भावनाएं आकार ले उससे पहले ही उसके गर्भपात हो जाने कि दास्तान, उल्काश्म है. जिसमें मैं हूँ, यकबयक उत्पन्न हुयी मेरी भावनाएं हैं और आपका साथ है, नहीं तो सबकुछ दिल ही दिल में ख़त्म होकर रह जाती.
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