सहेजना

छोटे छोटे लम्हों में 
न जाने कितनी खुशियाँ गूँथी होती हैं
न सहेजो तो अक्सर खो जाते हैं 

मुझे आदत है
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दरअसल
इन लम्हों के दामन को सहेजने की अनुभूति 


तुम्हारी अनुभूति है. 

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