प्यार

प्यार
मुखर हो,
जरूरी तो नहीं!
मेरे सीने पर 
अव्यक्त जज्बात के
तुम्हारेे दो आँसू
भी हैं
इन आँसुओं के
सुख:दुख
मेरे हैं ; मौन
हमारा प्यार मौन में है न!

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